WOMAN MARKING TRADITION IN INDIAN PAINTINGS

Yogeshwari Ferozia
2019 International journal of research - granthaalayah  
English: In our ancient Indian religious texts, painting is considered to be the best among all the arts. It is supposed to give religion, artha, kama and moksha such as Kalanan Pravarna Chitram Dharmakamarthamoksadam.Mangalya Pratham Hyattad Graha Yatra Pratishtam 4 Just like Sumeru in mountains, Garuda in egg animals, Raja in humans and painting in arts is best. Such as Sumeru Pravaro Naganan Yathandjanan Garud: Pradhan.As Jananan Pravar: Kshishistha and Kalanamichitrachalakpa: ॥1 According
more » ... kpa: ॥1 According to the trilogy'Chitraan sarv shilpanan mukh lokasya ch priyam'That is, painting is prominent in all crafts.The Kamasutra discusses six limbs for the rest of the picture.Roopbheda: Proof of sentiment.Analogy Hindi: हमारे प्राचीन भारतीय धार्मिक ग्रंथों में समस्त कलाओं में चित्रकला को सर्वश्रेष्ठ माना गया है। यह धर्म, अर्थ, काम और मौक्ष को देने वाली है यथा कलानां प्रवरं चित्रं धर्मकामार्थमोक्षदम्‌।मंगल्य प्रथमं ह्येतद्‌ ग्रहे यत्र प्रतिष्ठितम्‌॥जिस प्रकार पर्वतों में सुमेरू, अण्डज प्राणियों में गरुड, मनुष्यों में राजा एवं कलाओं में चित्रकला सर्वोत्तम है। यथा सुमेरु प्रवरो नागानां यथाण्डजानां गरुडः प्रधानः।यथा जनानां प्रवरः क्षितीशस्तथा कलानामिहचित्रकल्पः॥1समरांगण सूत्रधार के अनुसार'चित्रं हि सर्व शिल्पानां मुखं लोकस्य च प्रियम्‌'अर्थात्‌ सभी शिल्पों में चित्रकला प्रमुख है।कामसूत्र में एक शेष चित्र के लिए छह अंगों की चर्चा है।रूपभेदाः प्रमाणानि भाव-लावण्य योजनम्‌।सादृश्यं वर्णिका भंग इति चित्र षडंगकम्‌॥2
doi:10.29121/granthaalayah.v7.i11.2019.3758 fatcat:gcwyexj6hzeojlqgakka2y3ip4