Study of the relation between teaching ability of B.Ed. teachers and creative teaching aptitude

Ram Niwas, A.K. Nautiyal
2017 International journal of research - granthaalayah  
Teachers have an important role in making human resources useful for national development. The teacher uses many teaching methods and methods for classroom activities. Presently more emphasis is being laid on providing qualitative education. Creative aptitude in teaching nurtures students' creativity. By which they can be used to ensure available physical and human resources and ensure satisfactory results. The Yashpal Committee (1992), laid the main emphasis on the development of independent
more » ... nt of independent thinking and self-learning capacity of the students in the teacher training program. Teaching skills competence of teachers is an important factor in setting up the best level educational institutions. Due to which the students are attracted and give priority to such institutions. The reason behind which is to work with creative aptitude in the teaching style of the teachers teaching them. RTE, Teacher Eligibility Test (TET) and B.Ed in education to develop the professional competence of the students. Adequate opportunities for teaching training have been accommodated for the quality of teacher education, etc. for two years of one year course of training.In the research paper presented, two-year new B.Ed. The creative attitude and teaching competence of the students of the course has been studied. In descriptive research, 132 students were taught in fifteen internship schools teaching practice in the arts and science class by simple random sampling method. Compilation of data BK Passy and Dr. M / s. Lalita's standardized general teaching competence measure and Dr. RP Shukla's creative teaching aptitude measuring tools were used in the compilation of data. Statistical methods such as percentage, mean, standard deviation, t-value and Pearson correlation coefficient were used in statistical analysis of the data obtained by the research survey. It has been revealed by the conclusion that- 1.) Similarity was found in teaching ability of art and science students but significant difference in mean level of creative teaching aptitude. 2.) There is a positive correlation between the teaching competence and creative aptitude of art class students and 3.) There is a positive correlation between teaching ability and creative aptitude of science class students. राष्ट्रीय विकास के लिए मानवीय संसाधन को उपयोगी बनाने में अध्यापकों की अहम् भूमिका है। कक्षागत् क्रियाकलापों के लिये अध्यापक अनेक शिक्षण युक्ति एवं विधियाँ प्रयोग करता है। वर्तमान में गुणात्मक शिक्षा उपलब्ध कराने पर अधिक बल दिया जा रहा है। शिक्षण में सृजनात्मक अभिवृत्ति छात्रों की रचनात्मकता को पोषित करती है। जिससे वे उपलब्ध भौतिक एवं मानवीय संसाधनों का समुचित प्रयोग करके संतोषजनक परिणामों को सुनिश्चित किया जा सकता है। यशपाल समिति (1992), ने शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम में छात्राध्यापकों के स्वतंत्र चिंतन व स्व-अधिगम क्षमता के विकास पर मुख्य जोर दिया। उत्तम स्तर के शिक्षण संस्थानों को स्थापित करने में अध्यापकों की शिक्षण कौशल सक्षमता एक महत्वपूर्ण कारक है। जिससे आकृष्ट होकर छात्र ऐसे संस्थानों में प्रवेश को प्राथमिकता देते है। जिसके पीछे उनमें पढ़ाने वाले शिक्षकों की अध्यापन शैली में रचनात्मक अभिवृत्ति से कार्य करना है। छात्राध्यापकों की पेशेवर सक्षमता को विकसित करने के लिए शिक्षा में आर.टी.ई., अध्यापक पात्रता परीक्षा (टी.ई.टी.) एवं बी.एड. प्रशिक्षण के एक वर्षीय पाठ्यक्रम को दो वर्ष करना आदि अध्यापक शिक्षा की गुणवत्ता हेतु शिक्षण प्रशिक्षण के पर्याप्त अवसरों को स्थान दिया गया है। प्रस्तुत शोध पत्र में द्विवर्षीय नवीन बी.एड. पाठ्यक्रम के छात्राध्यापकों की शिक्षण के प्रति सृजनात्मक मनोवृत्ति एवं शिक्षण सक्षमता का अध्ययन किया गया है। वर्णानात्मक शोध में पन्द्रह प्रशिक्षुता (इंटर्नशिप) विद्यालयों में शिक्षण अभ्यास करने वाले 132 छात्राध्यापकों का चयन साधारण यादृच्छिक प्रतिचयन विधि द्वारा कला एवं विज्ञान वर्ग द्वारा किया गया। आँकड़ों का संकलन डाॅ. बी.के. पाॅसी एवं डाॅ. एम.एस. ललिता की मानकीकृ्रत सामान्य शिक्षण सक्षमता मापनी तथा डाॅ. आर.पी. शुक्ला के सृजनात्मक शिक्षण अभिवृत्ति मापनी उपकरणों का प्रयोग आॅकडों के संकलन में किया गया। शोध सर्वेक्षण द्वारा प्राप्त आंकड़ों का साख्यिकीय विश्लेषण में प्रतिशत, मध्यमान, प्रमाणिक विचलन, टी-मान एवं पियर्सन सहसम्बन्ध गुणांक आदि सांख्यिकी विधियों का प्रयोग किया गया। जिससे प्राप्त निष्कर्ष द्वारा विदित हुआ है कि- 1.) कला एवं विज्ञान छात्राध्यापकों की शिक्षण सक्षमता में समानता लेकिन सृजनात्मक शिक्षण अभिवृत्ति के मध्यमान स्तर में सार्थक अंतर पाया गया। 2.) कला वर्ग के छात्राध्यापकों की शिक्षण सक्षमता एवं सृजनात्मक अभिवृत्ति के मध्य सकारात्मक अनुबन्ध है तथा 3.) विज्ञान वर्ग के छात्राध्यपकों की शिक्षण सक्षमता एवं सृजनात्मक अभिवृत्ति में धनात्मक सहसम्बन्ध है।
doi:10.29121/granthaalayah.v5.i7.2017.2166 fatcat:y3nzehjpvfdd7a2t2lmbskiofe