''विविध रंगा ें क े फ ूलों स े चिकित्सा: एक अध्ययन

डा ॅ. शा ेभना जा ेशी, श्रीमती कीर्ति खांडव े
2017 Zenodo  
"विविध रंगा ें क े फ ूलों स े चिकित्सा: एक अध्ययन आयुर्वेदिक प्रभाव:आयुर्व ेद में फूला ें की समस्त जातियों को चार प ्रमुख श्र ेणियों में बा ंटा गया ह ै। इनमें से सिर्फ एक ही श्रेणी के फ ूला ें का उपयोग दवा बनाने क े कार्य में किया जाता है। इन फ ूला ें का प्रया ेग विभिन्न प ्रकार से होता ह ै। मूलतः फ ूलों का प ्रयोग सारी दवाईयों क े आाधार क े ता ैर पर इस्तेमाल किया जाता ह ै। प्राचीन समय में फ ुलों को विस्तृत अपया ेग की जानकारी मिलती ह ै। फूला ें से बने मुक ुट का े किसी निश्चित समय में पहनना
more » ... समय में पहनना 'पुष्प आयुर्वाद' की उपचार पद्धति का हिस्सा रहा ह ै। प ्राचीन व ेद्यों मे ं 'चक्रम' 'भगवान' आदि का े प ुष्प चिकित्सा में महारत थी । उन्हा ेने इस पद्धति का सफलतापूर्व क सुनिया ेजित तरीके स े प ्रयोग किया। फूलेां की सुगंध, उन्ह ें तोड ़ने क े समय, दवा प्रयोग की विधि, दवा लगाने में किन वस्तुओ का प्रया ेग हा ेता है आदि का पता देती है। वर्तमान समय में सेहतमंद रहना कठिन हा े गया ह ै। तनाव इसका मुख्य कारण ह ै इसीलिए पुष्प आयुर्वेद को एक नई पहचान मिली ह ै। उदा. ऋािकेश स्थित आनंदा तथा केरल में अन ेकपर्यटक स्वास्थ ग्रहों में प ुष्प चिकित्सा का प्रयोग कर रह े है।
doi:10.5281/zenodo.889293 fatcat:pqbr24ewmjfffmyuypqne3bema